फ्रॉड के बढ़ते मामलों के चलते एआई(AI)/एमएल(ML) रणनीतियों की मांग बढ़ी: एक्सपीरियन स्टडी

फ़रवरी 13, 2024 - 13:34
फ़रवरी 13, 2024 - 13:35
फ्रॉड के बढ़ते मामलों के चलते एआई(AI)/एमएल(ML) रणनीतियों की मांग बढ़ी: एक्सपीरियन स्टडी

मुंबई, 13 फ़रवरी 2024: अग्रणी वैश्विक सूचना सेवा प्रदाता कंपनी एक्सपीरियन की ओर से फार्रेस्टर कन्सल्टिंग द्वारा की गई एक स्टडी के मुताबिक हाल में भारत ने फ्रॉड गतिविधियों में उतार-चढ़ाव का अनुभव किया है। स्टडी खुलासा करती है कि अच्छे खासे 64% फीसदी उत्तरदाताओं ने बीते एक साल में फ्रॉड से होने वाले नुकसान का अनुभव किया है। इस चिंताजनक ट्रेंड को इस बात से भी ताकत मिलती है कि इनमे से 67% फीसदी उत्तरदाता फ्रॉड के खतरों के तेजी  से बदलते परिदृश्य का सामना करने से जूझ रहे हैं।

 

स्टडी से पता चलता है कि फ्रॉड को प्रभावी ढंग से रोकना आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीकी के क्षेत्र में ही संभव है। इन उचित साल्यूशन्स के पास तेजी से व्यापक डाटासेट के विश्लेषण की व तुरंत गड़बड़ी की पहचान करने और फ्रॉड के पैटर्न का खुलासा करने की क्षमता है। यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल व्यवसायों को भारी नुकसान से सुरक्षित रखता है बल्कि फाइनैंशियल ईकोसिस्टम की अखंडता को मजबूत रखने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

 

वित्तीय सेवाओं में फ्रॉड से होने वाले नुकसान में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी

 

स्टडी में मिली जानकारी से पता चलता है कि करीब दो तिहाई उत्तरदाताओं (64%) का साल दर साल फ्रॉड से होने वाला नुकसान बढ़ रहा है व वित्तीय सोवाएं देने वाले संस्थान नुकसान में बड़ी बढ़ोत्तरी रिपोर्ट कर रहे हैं। फ्रॉड हमलों में बढ़त के कई कारक हैं जैसे ग्राहकों पर निरंतर बना रहने वाला वित्तीय दबाव, डेटा के तमाम उल्लंघन जो गोपनीय जानकारी को डार्क वेब पर उपलब्ध करा देते हैं और सार्वजनिक पहुंच वाले जेनेरेटिव AI जिन्होंने फ्रॉड करने के लिए जरूरी तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता को घटा दिया है।  

फ्रॉड हमलों की तादाद करीब करीब सभी कैटेगरी में बढ़ी है। सिंथेटिक आइडेंटिटी अटैक बढ़ रहे हैं खासतौर पर वित्तीय सेवा क्षेत्र में जहां असली व फर्जी जानकारी को मिला कर नयी आइडेंटिटी बना दी जाती है। इसके बाद आइडेंटिटी चोरी वाले अटैक व अकाउंट टेकओवर वाले अटैक का नंबर आता हैं। ई-कॉमर्स क्षेत्र में ज्यादातर मर्चेंट्स के लिए जहां ग्राहक वैध शुल्क को लेकर विवाद खड़ा करते हैं वहां फ्रैंडली फ्रॉड अटैक बढ़ गए हैं जिनके साथ ही सिंथेटिक आइडेंटिटी अटैक भी होते हैं।

 

फ्रॉड रोकने में बाधाएं: फिंगरप्रिंटिंग और रेफरल में बढ़ोत्तरी

 

स्टडी के मुताबिक फ्रॉड को रोकने में व्यवसायों की क्षमता को सीमित करने वाली सबसे बड़ी चुनौती फ्रॉड की पहचान के लिए फिंगरप्रिंटिंग उपकरण की कमी है (62%)। दूसरा रेफरल की बढ़ती संख्या है जिसके चलते देरी और लागत बढ़ती है (56%)इस आपातस्थिति को देखते हुए व्यवसायों में ग्राहक स्क्रीनिंग वाले डेटा डिवाइस की महत्वपूर्ण भूमिका पर खास जोर दिया जाता है।

फ्रॉड से संबंधित उच्च प्राथमिकता ML मॉडल (65%) को समझने में सुधार है जो दर्शाता है कि फ्रॉड को रोकने में ML कितना महत्वपूर्ण हो गया है। AI के एथिकल इस्तेमाल और भविष्य में AI रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए यह क्षमता जरूरी है।

 

एआई/एमएल: फ्रॉड से बचाव का भविष्य तय करेगा

 

करीब दो-तिहाई (67%) व्यवसायों का विश्वास है कि भविष्य में फ्रॉड से बचाव AI/ML-संचालित साल्यूशन्स द्वारा निर्धारित होगा। ML आधारित फ्रॉड साल्यूशन्स के इस्तेमाल का मुख्य लाभ स्वीकार्यता दर में वृद्धऴि, सटीक तरीके से फ्रॉड पकड़ने के मामलों में बढ़ोत्तरी से नुकसान में कमी और मैनुअल समीक्षा की तदाद के साथ गलत पाजिटिव्स की मात्रा में आने वाली कमी है। यह खासतौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि 73 फीसदी व्यवसायों में संलग्न लोगों का मानना है कि गलत पाजिटिव्स के चलते उनके कारोबार में फ्रॉड से होने वाले नुकसान के मुकाबले कहीं ज्यादा हानि पहुंचती है।

अनुसंधान से पता चलता है कि 88 फीसदी उत्तरदाताओं के लिए AI/MLआधारित फ्रॉड को रोकने की प्रक्रिया अपनाने के बाद एक इस तरह का स्वचालित मॉडल निरंतर तैयार हो जाता है जो फ्रॉड के बदलते खतरे के साथ कदमताल करता है। जनरेटिव एआई धोखाधड़ी के जोखिम बढ़ाता है, इस क्षमता की उपलब्धता व्यावसायों के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वे बदलते धोखाधड़ी पैटर्न पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकें और धोखाधड़ी रोकने के मामले में अग्रिम मोर्चे पर डटे रहें।

"जैसे जैसे तकनीक विकसित होती है तो फ्रॉड का परिदृश्य भी बदलता है और नई जटिलताओं को उत्पन्न करता है। उन्नत तकनीक के आने से फ्रॉड की गतिविधियां बदलती हैं और यह बाधाओं को तोड़ते हुए  स्थापित सुरक्षा को चुनौती देता हैइस चुनौती का सामना करने के लिए एक प्रभावी साल्यूशन की जरुरत होती है जैसे आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI)डेटा और मशीन लर्निंग की ताकत को खोलते हुए एआई डिजिटल गेटवे का कस्टोडियन बन जाता है जो उपभोक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करता है और व्यवसाय में होने वाले बड़े नुकसान से बचाता है। यह सुरक्षा को अभेद बनाने, व्यवसाय को महत्वपूर्ण वित्तीय जोखिम से बचाने और एक मजबूत क्रेडिट ईकोसिस्टम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है," मनीष जैन, कंट्री मैनेजिंग डॉयरेक्टर, एक्सपीरियन ने कहा।

एक्सपीरियन की स्टडी  ईएमईए व एपीएसी क्षेत्र के दस देशों भारत, डेनमार्क, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इटली, न्यूज़ीलैंड, नीदरलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, और तुर्की में वित्तीय सेवाओं, टेलीकॉम, और ई-कॉमर्स सेक्टर के 308 फ्रॉड मैनेजर्स के बीच किए गए एक सर्वेक्षण पर आधारित है।

और अधिक जानकारी के लिए, पूरी रिपोर्ट यहां से डाउलोड करें - Link.

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