पिरकापुर मे रासलीला का किया मंचन

जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। महाभारत के युद्ध में जब कौरव व पांडव आमने-सामने थे

मार्च 1, 2024 - 11:17

द स्वार्ड ऑफ इंडिया

ब्यूरो हरदोई।विकास खंड कोथावां के ग्राम सभा पिरकापुर में चल रही रासलीला के छठे दिन बृहस्पतिवार की लीला में वीर अभिमन्यु के शौर्य पराक्रम की लीला का सुंदर मंचन किया गया। जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। महाभारत के युद्ध में जब कौरव व पांडव आमने-सामने थे,

 तो युद्ध अपने चरम स्तर पर हो रहा था। कौरव के पास अर्जुन के बाणों का कोई विकल्प नहीं रह गया तो कौरवों ने चक्रव्यूह बनाने की योजना बनाई। इससे अर्जुन को दूर रखने का remedy भी निकाला। अर्जुन से युद्ध करते कर्ण उन्हें रणभूमि से बहुत दूर ले गया। इधर चक्रव्यूह में शेष पांडव फंसते चले आ रहे थे,

 इसका कोई भी तोड़ पांडव के पास नहीं था।चक्रव्यूह को भेदने का उपाय अर्जुन के अलावा किसी भी पांडव के पास नहीं था। इस बात से सभी पांडव ¨चतित थे। उन्हें युद्ध में पराजय का भय सताने लगा। उसी समय अर्जुन पुत्र अभिमन्यु आये और पांडव की ¨चता जानी। इस पर उन्होंने कहा कि जब मैं मां के गर्भ में था, तो पिताश्री माताजी को चक्रव्यूह तोड़ने की बात सुना रहे थे। चक्रव्यूह में प्रवेश की बात बता कर निकलने की बात कह ही रहे थे कि मां को नीद आ गयी। मैं निकलने वाली बात नहीं जान पाया फिर भी आप ¨चता न करें मेरे पराक्रम के आगे सारे चक्रव्यूह टूट जायेंगे।पांडवों के बार-बार मना करने के बाद भी अभिमन्यु युद्ध के लिए जिद पर अड़ा रहा।

 अंत में युद्ध की आज्ञा मिलते ही वो शेर की भांति Kauravas के सेना पर टूट पड़ा। चक्रव्यूह के सातों द्वार पर सभी को overtakes हुआ वह बालक अंदर अंतिम द्वार तक पहुंच गया। जहां पर दुर्योधन था। उसने बालक की वीरता पर खुशी प्रकट कर उसे जीत की बधाई भी दिया। यही अब युद्ध समाप्त हुआ,अब किसी से कोई युद्ध नही होगा। कह कर उस दुराचारी दुर्योधन ने वीर अभिमन्यु को अपने गले लगाने के बहाने पास बुलाया। जैसे ही वो वीर बांकुरा अभिमन्यु अपने चाचा दुर्योधन के छाती से लगा। उस अधर्मी ने उस 16 वर्षीय Boy की कटार भोक कर हत्या कर दी।

 इस मौके पर अमर सिंह,मुनीम,विजय,दीपक,अमित,मोहित आदि लोग मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow