शिक्षात्मक बाल फिल्मे देखने का भारी उत्साह

अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव (आई.सी.एफ.एफ-२०२४) का दूसरा दिन शिक्षात्मक फिल्मों के प्रति छात्रों में दिखा भारी उत्साह

अप्रैल 16, 2024 - 17:22
शिक्षात्मक बाल फिल्मे देखने का भारी उत्साह

लखनऊ । सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरिम में चल रहे सात दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव (आई.सी. एफ.एफ-२०२४) के दूसरे दिन आज शिक्षात्मक बाल फिल्मे देखने का भारी उत्साह छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों में दिलाई दिया और सी.एम.एस. कानपुर रोड का समस्त परिसर बड़ी संख्या में उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों से दिन भर खचाखच भरा रहा।

बाल फिल्मोत्सव के दूसरे दिन का उद्‌घाटन फायर डेनिस नरेश लोबो, विकार जनरल, कैथोलिक डायोसीज, लखनऊ ने दीप प्रज्वलित कर किया जबकि फिल्म अभिनेता देव जोशी, अभिनेत्री सुची भूमिका गुरंग एवं निर्माता श्री संतोष तिवारी ने बच्चों का मनोबल बढ़ाया।

 इससे पहले, अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के दूसरे दिन का शुभारम्भ आज दीप प्रज्वलन एवं सर्व-धर्म प्रार्थना की अनूठी प्रस्तुत्ति से हुआ, सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक चेतना से अभिभूत कर दिया।

 सी. एम एस. का यह अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल छात्रओं व गुवा पीढ़ी को शिक्षाप्रद फिल्मों के माध्यम से अच्छाई की राह पर बढ़ने की प्रेरणा तो दे ही रहा है, साथ ही साथ किशोर व युवा पीढ़ी विभिन्न देशों की संस्कृतियों से भी परिचित हो रही है।

'अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव' के अन्तर्गत आज लगभग बारह हजार बच्चों ने ९१ देशों की शैक्षिक बाल फिल्मों से प्रेरणा ग्रहण की, जिनमें द टेक्नोलॉजी, ए ड्रीम विद ओपेन आईज, सुसाइड ड्रोन, अनोखा पिटारा, अप एण्ड डाउन, वन अर्थ, द पार्सल गर्ल, द वाटर फार्मूला, सर्कस शो,

 

डान्स ऑफ इमेजेज, आओ दोस्ती करें, टाउन हाल स्क्वायर, बड़े काम की चीज, वियोन्ड द स्ट्रीट, ये कैसा जहान, रीवर ऑफ लायन, द आर्ट ऑफ फॉरगिवनेस, गेट मी राइट, व्हेन सिस्टर्स ड्रीम टुगेदर, द पिंक अम्ब्रेला, पापा इस विग आई एम स्माल आदि प्रमुख रहीं। बाल फिल्मोत्सव में पधारे छात्रों के चेहरों पर छाया उल्लास महोत्सव की सफलता की कहानी अपने आप बर्या कर रहा था।

फिल्म देखने के बाद अधिकांश छात्रों की प्रतिक्रिया थी कि मनोरंजन के साथ ही जीवन मूल्यों का ज्ञान देने का यह तरीका अत्यन्त प्रशंसनीय है। एक अन्य छात्र का कहना था कि यह फिल्म फेस्टिवल अत्यन्त मनोरंजक व शिक्षाप्रद है।

फिल्म से उन्होंने सीखा कि हमें प्रकृति व सभी जीव-जंतुओ से प्यार करना चाहिए। इसी प्रकार, कई अन्य छात्रों ने भी अपने विचार व्यक्त किये एवं बाल फिल्मोत्सव के आयोजन हेतु सी.एम.एस. का आभार व्यक्त किया।

 'अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आज लखनऊ व आस-पास के विभिन्न स्कूलों सेंट एन्स कान्वेन्ट स्कूल, एम बी डेज एकेडमी, मोना कान्वेन्ट स्कूल, लेडी फातिमा स्कूल, चिल्ड्रेन्स एकेडमी, केन्द्रीय विद्यालय, यूपी सैनिक स्कूल एवं सिटी मोन्टेसरी स्कूल के विभिन्न कैम्पस के हजारों बच्चों के साथ ही भारी संख्या में पधारे शिक्षकों व अभिभावकों ने भी बाल फिल्मों का आनन्द उठाया।

इस अवसर पर आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में फिल्म हस्तियों ने पत्रकारों से मुलाकात की और अपने विचार व्यक्त किए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए फिल्म निर्माता श्री संतोष तिवारी ने कहा कि बच्चों के लिए शिक्षात्मक फिल्मों का आज अभाव है, ऐसे में यह फिल्म फेस्टिवल बहुत ही अच्छा प्रयास है। इस शुभ कार्य के लिए सी एम एस बधाई का पात्र हैं।

 इस अवसर पर सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि निश्चित रूप से छात्रों के दिल-दिमाग पर यह महोत्सव सकारात्मक प्रभाव डालेगा और अपने उद्देश्य में सफल होगा।

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