सुविधाओं से युक्त है हॉप क्लिनिक, मरीजों को मिलेगी सहूलियत - डॉ घनश्याम अनुरागी

हॉप क्लिनिक के उद्घाटन में पहुंचे कई नेता, डॉक्टर आदिल अंसारी और डॉक्टर फातिमा अंसारी ने किया नए क्लीनिक का किया शुभारंभ

अप्रैल 28, 2024 - 21:00
सुविधाओं से युक्त है हॉप क्लिनिक, मरीजों को मिलेगी सहूलियत - डॉ घनश्याम अनुरागी

द स्वार्ड ऑफ इंडिया

उरई, जालौन । शहर के कालपी रोड मेडिकल कॉलेज के आगे डॉक्टर आदिल अंसारी और डॉक्टर फातिमा अंसारी के हॉप क्लिनिक का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी ने किया।

 इस मौके पर हाजी अनीस खान, झांसी से डॉक्टर सतेंद्र कुमार राजपूत, डॉक्टर वर्षा राजपूत भी पहुंची। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिले का एक बढ़िया क्लिनिक है।

जिसमें ऑपरेशन से लेकर सभी सुविधाएं तुरंत मिल रही है और जांच भी हो रही हैं भविष्य में यह क्लीनिक मरीज के लिए एक रामबाण का काम करेगा।

डॉ सत्येंद्र कुमार राजपूत और वर्षा राजपूत ने कहा कि क्लिनिक तो कहीं मिलते हैं। लेकिन डॉक्टर सभी में सही नहीं मिलते इसके चलते इलाज भी ठीक नहीं हो पता है जिले का पहला ऐसा क्लीनिक बनेगा जिसमें डॉक्टर भी मौके पर मिलेंगे और मरीज का सही इलाज हो पाएगा।

समाजसेवी अनीश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों को समय पर सही सुविधा इस क्लिनिक मिल पाएगी।

जिले के अंदर डॉक्टर फातिमा एक उम्मीद ही किरण हैं। जो महिलाओं के इलाज में सबसे अच्छी डॉक्टर के रूप में पहचानी जाती हैं।

 डॉक्टर आदिल ने कहा कि क्लीनिक खोलने का उनका मकसद सिर्फ इतना है कि जो मरीज कानपुर और झांसी के लिए रेफर किए जाते थे। अब उनको रेफर नहीं किया जाएगा। उनका इलाज क्लीनिक पर ही हो जाएगा।

इसके लिए उन्होंने 24 घंटे की सेवा रखी है, ताकि रात के समय भी मरीज को कोई परेशानी नहीं आए। आज उद्घाटन पर जो जिले की भीड़ क्लीनिक पर इकट्ठा हुई है। इसके लिए वह सभी का आभार व्यक्त करते हैं।

डॉ फातिमा अंसारी ने कहा कि महिलाओं और साथ में गर्भवती महिलाओं के लिए यह क्लिनिक वरदान के रूप में साबित होगा। दिन में तो मरीजों को इलाज सभी अस्पताल में भी मिल जाता है। लेकिन रात के समय काफी परेशानी आती है।

अब गर्भवती महिलाओं को कोई परेशानी नहीं आएगी। रात के समय भी इसके क्लीनिक में आपको सभी सुविधाएं मिल सकते हैं।

सबसे बड़ी बात है के तुरंत जांच भी हो पाएंगी और तुरंत इलाज शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया अभी तक महीने में 400 से लेकर 500 मरीज आते हैं।

क्लीनिक ना होने के चलते इमरजेंसी में वह कानपुर झांसी के लिए भागते थे। अब उन्हें कहीं भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उरई शहर में ही उन्हें इलाज मिल पाएगा।

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