कॉर्पोरेशन अमोंग कोऑपरेटिव की भावना से मजबूत होगा सहकारिता आंदोलन

परस्पर आगे बढ़ाने की ताकत नहीं दी जाएगी,

मार्च 3, 2024 - 21:49

द स्वार्ड ऑफ इंडिया

लखनऊ : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में शहरी सहकारी बैंकों के अम्ब्रेला संगठन, नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड development कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनयुसीएफडीसी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अमित शाह ने Corporation अमोंग कोऑपरेटिव की भावना को मजबूत करने पर बल दिया।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि, जब तक सहकारी संस्थाओं के बीच सहकार और परस्पर आगे बढ़ाने की ताकत नहीं दी जाएगी, तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने कहा कि लगभग 20 साल के संघर्ष के बाद आज नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की स्थापना हो रही है और ये हम सबके लिए बहुत शुभ दिन है।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि पहलेco-operation मंत्रालय और सहकारिता क्षेत्र अनेक Ministries में बिखरा हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज़ादी के 75 वर्षों के बाद अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन कर सहकारिता को एक नया जीवन दिया है।

  साथ ही उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को एक अंब्रेला, सहकारिता मंत्रालय के रूप में मिला है। अमित शाह ने कहा कि सवा सौ साल तक सहकारिता क्षेत्र जूझता रहा और अपने अस्तित्व को बचाता रहा, लेकिन अब सरकारी Arrangement के सहयोग से ये द्रुत गति से चलेगा और देश के अर्थतंत्र में अपना सम्मान हासिल करेगा। साथ ही सहकारिता आंदोलन को जन आंदोलन के स्वरूप में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, भारत जैसे विशाल देश में Development का पैरामीटर सिर्फ आंकड़े नहीं हो सकते, बल्कि देश के विकास में कितने लोगों की सहभागिता है, ये बहुत बड़ा पैरामीटर होना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि ये अंब्रेला Organization समय की ज़रूरत था और सेल्फ-Regulation के लिए एक प्रकार की नई शुरूआत है। उन्होंने कहा कि इस संगठन के बनने के बाद देश में अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का विकास कई गुना बढ़ जाएगा। हमारी विश्वसनीयता के लिए बेहद ज़रूरी है

कि हम खुद को अपग्रेड करें और भारतीय़ रिज़र्व बैंक के सभी नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि अगर हम ऐसा नहीं करते तो आने वाले समय में स्पर्धा में नहीं टिक सकेंगे। अमित शाह ने कहा कि अंब्रेला संगठन का एक प्रमुख काम बीआर एक्ट के लिए छोटे से छोटे बैंक को तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें हर शहर में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक खोलने का लक्ष्य रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि कोऑपरेटिव फाइनेंस में अच्छा काम करने वाली क्रेडिट Society को बैंक में कन्वर्ट करने के लिए इस अंब्रेला संगठन को एक व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि NUCFDC का एक उद्देश्य क्रेडिट सोसाइटीज और अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की सेवाओं और संख्या में विस्तार करना भी होना चाहिए। हमें एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाना चाहिए कि हर शहर में एक अर्बन कोऑपरेटिव बैंक कैसे बने

साथ ही कोऑपरेटिव मूवमेंट को जिंदा रखने के लिए इसे प्रासंगिक भी बनाना होगा और उसका विस्तार भी करना होगा। उन्होंने कहा कि अंब्रेला संगठन से छोटे बैंकों को कई प्रकार की facilities मिलेंगी, बैंकों और रेगुलेटर के बीच संवाद का काम भी सुचारू संवाद का काम भी यह अंब्रेला ऑर्गेनाइजेशन करेगा। उन्होंने कहा कि इस संगठन को हमारी सीमाओं को व्यापक और सर्वस्पर्शीय बनाने का काम करना है।

उन्होंने कहा कि अगर हम कोऑपरेटिव का विस्तार करना चाहते हैं तो इसके लिए अंब्रेला संगठन को मजबूत करना अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का दायित्व है।

अमित शाह ने कहा कि अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों को देशभर में व्यापार करने के लिए ज़रूरी सुविधाओं के लिए क्लीयरिंग की भी एक व्यवस्था बनानी होगी। हमारे पास 1500 बैंकों की 11000 शाखाओं और 5 लाख करोड़ रूपए के डिपॉजिट और 3.50 लाख करोड़ के ऋण की कलेक्टिव स्ट्रैंथ है। उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ी ताकत है और हमें न सिर्फ इसे बढ़ाने का लक्ष्य रखना है बल्कि इसे संयुक्त रूप से उपयोग कर पूरी अर्बन कोऑपरेटिव बैंकिंग व्यवस्था को ताकत देने का काम भी इस संगठन को करना है।

अमित शाह ने कहा कि देश के अर्बन Cooperative बैंक अपनी नेट एनपीए दर को कम कर 2.10% तक ले आए हैं और इसमें और सुधार करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि Umbrella संगठन को आने वाले 3 सालों में कठोर labor कर इसकी नींव डालनी चाहिए।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज शुरू हुई ये संस्था मात्र एक अंब्रेला Organization नहीं है बल्कि हमारी सारी समस्याओं के Solution का गेटवे है। उन्होंने कहा कि आम जनता के जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता कोई है तो केवल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक है।

 उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम दुनिया का तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बनें, तब मोदी जी के मन में भी यह बात है कि आर्थिक विकास सर्वस्पर्शीय और all inclusive हो। उन्होंने कहा कि अगर हमें यह कॉन्सेप्ट के साथ आगे बढ़ना है तो हर गांव, शहर में युवाओं और स्टार्टअप को आगे बढ़ाना है, इसके लिए अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के सिवा कोई रास्ता नहीं है। अमित शाह ने कहा कि यह अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का अंब्रेला संगठन छोटे बैंकों का सुरक्षा कवच है, जिससे हमारे डिपॉजिटर्स का हम पर विश्वास भी बढ़ेगा और आने वाले दिनों में हमारे काम में भी बढ़ोतरी होगी।

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