पशुओं को अनावश्यक दर्द पहुँचाने या पीड़ा देने से रोकने के लिये अधिनियम

पशु क्रूरता जानवरों की सुरक्षा संबंधित शिविर का किया गया आयोजन

अप्रैल 24, 2024 - 20:40
पशुओं को अनावश्यक दर्द पहुँचाने या पीड़ा देने से रोकने के लिये अधिनियम

द स्वार्ड ऑफ इंडिया

कन्नौज : उच्च न्यायालय इलाहाबाद के परिपत्र संख्या 04 दिनांक 29.01.2022 के अनुपालन में दाम्पत्य संबंधी विवादों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही निस्तारित किये जाने हेतु आवश्यक रूप रेखा तैयार किये जाने के उद्देश्य से प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री विनोद कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गयी। 

 उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवाप्राधिकरण चन्द्रोदय कुमार के निर्देशन में तहसील तिर्वा के ग्रामीण क्षेत्र में पशु क्रूरता और जानवरों की सुरक्षा के सम्बन्ध में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन अपर जिला जज/सचिव श्रीमती लवली जायसवाल की देख रेख में किया गया।

उक्त शिविर में पराविधिक स्वयं सेवक सीमा बानों द्वारा उपस्थित जनमानस को पशु कूरता और जानवरों की सुरक्षा के सम्बन्ध में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के प्रावधानों के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा करते हुये बताया गया

 कि पशुओं को अनावश्यक दर्द पहुँचाने या पीड़ा देने से रोकने के लिये अधिनियम में पशुओं के प्रति अनावश्यक क्रूरता और पीड़ा पहुँचाने के लिये दंड का प्रावधान किया गया है।

 पशुओं के साथ क्रूरता के मामले आए दिन हमारे सामने आते हैं वह चाहे रोड पर रहने वाले जानवर हो या फिर पालतू पशु सभी को क्रूरता झेलनी पड़ती है l

सबसे ज्यादा शहरी क्षेत्रों में कुत्ते को क्रूरता झेलनी पड़ती है l पशुओं के प्रति क्रूरता को लेकर सख्त कानून है लेकिन लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता है और अनजाने में वह ऐसी गलती कर बैठते हैं

और उन्हें बाद में सजा भुगतनी पड़ती है,साथ ही साथ सीमा बानों द्वारा वैवाहिक विवादों में प्री-लिटिगेशन स्तर पर निवारण किये जाने के विषय पर प्रकाश डालते हुये शिविर में उपस्थित जनमानस को बताया गया कि जो भी पक्षकार अपने पारिवारिक / वैवाहिक झगड़ो का निपटारा वाद करने से पूर्व करवाना चाहते है 

तो वह प्री-लिटिगेशन स्तर पर प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर अपना विवाद आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करा सकते है,प्री-लिटिगेशन के स्तर पर निस्तारित वाद न्यायालय की डिकी के समान होता है

 तथा महिलाओं कोजागरूकता करते हुये साथ नालसा, सालसा, के निर्देश पर चलाई जा रही योजनाओं के विषय पर तथा नालसा हैल्पलाईन नम्बर 15100 एवं नालसा ऐप डाउनलोड कर ऐप के लाभ के बारे में भी बताया गया एवं कचहरी परिसर में तहसील स्तर में आने वाले वादाकरियो को पम्प्लेट्स वितरण कर प्रचार प्रसार किया गया

तथा इसके अतिरिक्त जनमानस को जागरूकता करते हुये स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली एवं लाभ तथा उपभोक्ताओं के अधिकार के सम्बन्ध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

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